एच-1बी : अमेरिकी संसद में वीजा प्रणाली सुधार को लेकर बिल पेश, कार्यक्रम का दुरुपयोग करने वाली विदेशी आउटसोर्सिंग कंपनियों पर लगेगी रोक America H1B H1Bvisa VISA India PMOIndia POTUS
सांसदों का तर्क है कि इससे अमेरिकी कर्मचारियों के हितों की रक्षा होगी और उन विदेशी आउटसोर्सिंग कंपनियों पर लगाम लगेगी, जो इस वीजा कार्यक्रम का दुरुपयोग करते हुए योग्य अमेरिकियों को उच्च दक्षता वाली नौकरियों से वंचित रखते हैं। सांसदों ने दावा किया कि ‘एच-1बी और एल-1 वीजा सुधार विधेयक’ से धोखाधड़ी और दुरुपयोग रुकेगा, अमेरिकी कर्मचारयों व वीजा धारकों के हितों की रक्षा होगी तथा विदेशी कर्मचारियों की नियुक्ति में ज्यादा पारदर्शिता आएगी। यह विधेयक अमेरिकी सीनेट की न्यायिक समिति के अध्यक्ष डिक डर्बिन और रैंकिंग सदस्य चक ग्रासली ने पेश किया। सांसद रिचर्ड ब्लूमेंथल, टॉमी ट्यूबरविले, शेरोड ब्राउन, बिल हैगर्टी और बर्नी ने विधेयक सह-प्रायोजित किया है। एच-1बी और एल-1 वीजा सुधार अधिनियम के लिए पहली बार एच-1बी के वार्षिक आवंटन को प्राथमिकता दी जाएगी। नई प्रणाली यह सुनिश्चित करेगी कि देश में शिक्षित सर्वश्रेष्ठ और प्रतिभाशाली छात्रों को एच-1बी के लिए वरीयता मिले। इसमें अन्य अमेरिकी उन्नत डिग्री धारकों को भी प्राथमिकता मिलेगी, जिन्हें उच्च वेतन दिया जा रहा है और जिनके पास मूल्यवान कौशल है।नया कानून स्पष्ट रूप से एच-1बी या एल-1 वीजा धारकों द्वारा अमेरिकी श्रमिकों के प्रतिस्थापन पर रोक लगाता है। यह स्पष्ट करता है कि समान रूप से नियोजित अमेरिकी श्रमिकों की काम करने की स्थिति एच-1बी श्रमिकों सहित एच-1बी कार्यकर्ता की भर्ती से प्रतिकूल रूप से प्रभावित नहीं हो सकती है। डर्बिन ने कहा, वीजा कार्यक्रमों में सुधार अमेरिका की खराब आव्रजन प्रणाली को ठीक करने के लिए जरूरी है।मौजूदा विधेयक 50 से अधिक कर्मचारियों वाली उन अमेरिकी कंपनियों को अतिरिक्त एच-1बी कर्मचारियों की नियुक्ति से रोकेगा, जिनमें से कम से कम आधे एच-1बी या एल-1 धारक हैं। बिल अमेरिकी श्रम विभाग को कार्यक्रम की आवश्यकताओं के अनुपालन की समीक्षा करने, जांच करने और ऑडिट करने के साथ-साथ धोखाधड़ी या अपमानजनक आचरण को दंडित करने का अधिकार देता है।एच1-बी वीजा एक गैर-आव्रजन वीजा है, जो अमेरिकी कंपनियों को विशेष दक्षता वाली नौकरियों में विदेशी कर्मचारियों की नियुक्ति का अधिकार देता है। अमेरिकी प्रौद्योगिकी कंपनियां भारत और चीन जैसे देशों से हुनरमंद कर्मचारियों की नियुक्ति करने के लिए इस वीजा पर निर्भर हैं। एच-1बी वीजा भारतीयों सहित अन्य विदेशी पेशेवरों के बीच सबसे अधिक मांग वाला कार्य वीजा है। वहीं, एल-1 वीजा भी एक गैर-आव्रजन वीजा है, जो एल-1 स्तर पर कार्य के लिए दिया जाता है। यह अपेक्षाकृत कम समय के लिए वैध होता है। सांसदों का तर्क है कि इससे अमेरिकी कर्मचारियों के हितों की रक्षा होगी और उन विदेशी आउटसोर्सिंग कंपनियों पर लगाम लगेगी, जो इस वीजा कार्यक्रम का दुरुपयोग करते हुए योग्य अमेरिकियों को उच्च दक्षता वाली नौकरियों से वंचित रखते हैं।सांसदों ने दावा किया कि ‘एच-1बी और एल-1 वीजा सुधार विधेयक’ से धोखाधड़ी और दुरुपयोग रुकेगा, अमेरिकी कर्मचारयों व वीजा धारकों के हितों की रक्षा होगी तथा विदेशी कर्मचारियों की नियुक्ति में ज्यादा पारदर्शिता आएगी। यह विधेयक अमेरिकी सीनेट की न्यायिक समिति के अध्यक्ष डिक डर्बिन और रैंकिंग सदस्य चक ग्रासली ने पेश किया। सांसद रिचर्ड ब्लूमेंथल, टॉमी ट्यूबरविले, शेरोड ब्राउन, बिल हैगर्टी और बर्नी ने विधेयक सह-प्रायोजित किया है। एच-1बी और एल-1 वीजा सुधार अधिनियम के लिए पहली बार एच-1बी के वार्षिक आवंटन को प्राथमिकता दी जाएगी। नई प्रणाली यह सुनिश्चित करेगी कि देश में शिक्षित सर्वश्रेष्ठ और प्रतिभाशाली छात्रों को एच-1बी के लिए वरीयता मिले। इसमें अन्य अमेरिकी उन्नत डिग्री धारकों को भी प्राथमिकता मिलेगी, जिन्हें उच्च वेतन दिया जा रहा है और जिनके पास मूल्यवान कौशल है।नया कानून स्पष्ट रूप से एच-1बी या एल-1 वीजा धारकों द्वारा अमेरिकी श्रमिकों के प्रतिस्थापन पर रोक लगाता है। यह स्पष्ट करता है कि समान रूप से नियोजित अमेरिकी श्रमिकों की काम करने की स्थिति एच-1बी श्रमिकों सहित एच-1बी कार्यकर्ता की भर्ती से प्रतिकूल रूप से प्रभावित नहीं हो सकती है। डर्बिन ने कहा, वीजा कार्यक्रमों में सुधार अमेरिका की खराब आव्रजन प्रणाली को ठीक करने के लिए जरूरी है।मौजूदा विधेयक 50 से अधिक कर्मचारियों वाली उन अमेरिकी कंपनियों को अतिरिक्त एच-1बी कर्मचारियों की नियुक्ति से रोकेगा, जिनमें से कम से कम आधे एच-1बी या एल-1 धारक हैं। बिल अमेरिकी श्रम विभाग को कार्यक्रम की आवश्यकताओं के अनुपालन की समीक्षा करने, जांच करने और ऑडिट करने के साथ-साथ धोखाधड़ी या अपमानजनक आचरण को दंडित करने का अधिकार देता है।एच1-बी वीजा एक गैर-आव्रजन वीजा है, जो अमेरिकी कंपनियों को विशेष दक्षता वाली नौकरियों में विदेशी कर्मचारियों की नियुक्ति का अधिकार देता है। अमेरिकी प्रौद्योगिकी कंपनियां भारत और चीन जैसे देशों से हुनरमंद कर्मचारियों की नियुक्ति करने के लिए इस वीजा पर निर्भर हैं। एच-1बी वीजा भारतीयों सहित अन्य विदेशी पेशेवरों के बीच सबसे अधिक मांग वाला कार्य वीजा है। वहीं, एल-1 वीजा भी एक गैर-आव्रजन वीजा है, जो एल-1 स्तर पर कार्य के लिए दिया जाता है। यह अपेक्षाकृत कम समय के लिए वैध होता है।खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?खबर में और अधिक सुधार की आवश्यकता है?.
सांसदों का तर्क है कि इससे अमेरिकी कर्मचारियों के हितों की रक्षा होगी और उन विदेशी आउटसोर्सिंग कंपनियों पर लगाम लगेगी, जो इस वीजा कार्यक्रम का दुरुपयोग करते हुए योग्य अमेरिकियों को उच्च दक्षता वाली नौकरियों से वंचित रखते हैं। सांसदों ने दावा किया कि ‘एच-1बी और एल-1 वीजा सुधार विधेयक’ से धोखाधड़ी और दुरुपयोग रुकेगा, अमेरिकी कर्मचारयों व वीजा धारकों के हितों की रक्षा होगी तथा विदेशी कर्मचारियों की नियुक्ति में ज्यादा पारदर्शिता आएगी। यह विधेयक अमेरिकी सीनेट की न्यायिक समिति के अध्यक्ष डिक डर्बिन और रैंकिंग सदस्य चक ग्रासली ने पेश किया। सांसद रिचर्ड ब्लूमेंथल, टॉमी ट्यूबरविले, शेरोड ब्राउन, बिल हैगर्टी और बर्नी ने विधेयक सह-प्रायोजित किया है। एच-1बी और एल-1 वीजा सुधार अधिनियम के लिए पहली बार एच-1बी के वार्षिक आवंटन को प्राथमिकता दी जाएगी। नई प्रणाली यह सुनिश्चित करेगी कि देश में शिक्षित सर्वश्रेष्ठ और प्रतिभाशाली छात्रों को एच-1बी के लिए वरीयता मिले। इसमें अन्य अमेरिकी उन्नत डिग्री धारकों को भी प्राथमिकता मिलेगी, जिन्हें उच्च वेतन दिया जा रहा है और जिनके पास मूल्यवान कौशल है।नया कानून स्पष्ट रूप से एच-1बी या एल-1 वीजा धारकों द्वारा अमेरिकी श्रमिकों के प्रतिस्थापन पर रोक लगाता है। यह स्पष्ट करता है कि समान रूप से नियोजित अमेरिकी श्रमिकों की काम करने की स्थिति एच-1बी श्रमिकों सहित एच-1बी कार्यकर्ता की भर्ती से प्रतिकूल रूप से प्रभावित नहीं हो सकती है। डर्बिन ने कहा, वीजा कार्यक्रमों में सुधार अमेरिका की खराब आव्रजन प्रणाली को ठीक करने के लिए जरूरी है।मौजूदा विधेयक 50 से अधिक कर्मचारियों वाली उन अमेरिकी कंपनियों को अतिरिक्त एच-1बी कर्मचारियों की नियुक्ति से रोकेगा, जिनमें से कम से कम आधे एच-1बी या एल-1 धारक हैं। बिल अमेरिकी श्रम विभाग को कार्यक्रम की आवश्यकताओं के अनुपालन की समीक्षा करने, जांच करने और ऑडिट करने के साथ-साथ धोखाधड़ी या अपमानजनक आचरण को दंडित करने का अधिकार देता है।एच1-बी वीजा एक गैर-आव्रजन वीजा है, जो अमेरिकी कंपनियों को विशेष दक्षता वाली नौकरियों में विदेशी कर्मचारियों की नियुक्ति का अधिकार देता है। अमेरिकी प्रौद्योगिकी कंपनियां भारत और चीन जैसे देशों से हुनरमंद कर्मचारियों की नियुक्ति करने के लिए इस वीजा पर निर्भर हैं। एच-1बी वीजा भारतीयों सहित अन्य विदेशी पेशेवरों के बीच सबसे अधिक मांग वाला कार्य वीजा है। वहीं, एल-1 वीजा भी एक गैर-आव्रजन वीजा है, जो एल-1 स्तर पर कार्य के लिए दिया जाता है। यह अपेक्षाकृत कम समय के लिए वैध होता है। सांसदों का तर्क है कि इससे अमेरिकी कर्मचारियों के हितों की रक्षा होगी और उन विदेशी आउटसोर्सिंग कंपनियों पर लगाम लगेगी, जो इस वीजा कार्यक्रम का दुरुपयोग करते हुए योग्य अमेरिकियों को उच्च दक्षता वाली नौकरियों से वंचित रखते हैं।सांसदों ने दावा किया कि ‘एच-1बी और एल-1 वीजा सुधार विधेयक’ से धोखाधड़ी और दुरुपयोग रुकेगा, अमेरिकी कर्मचारयों व वीजा धारकों के हितों की रक्षा होगी तथा विदेशी कर्मचारियों की नियुक्ति में ज्यादा पारदर्शिता आएगी। यह विधेयक अमेरिकी सीनेट की न्यायिक समिति के अध्यक्ष डिक डर्बिन और रैंकिंग सदस्य चक ग्रासली ने पेश किया। सांसद रिचर्ड ब्लूमेंथल, टॉमी ट्यूबरविले, शेरोड ब्राउन, बिल हैगर्टी और बर्नी ने विधेयक सह-प्रायोजित किया है। एच-1बी और एल-1 वीजा सुधार अधिनियम के लिए पहली बार एच-1बी के वार्षिक आवंटन को प्राथमिकता दी जाएगी। नई प्रणाली यह सुनिश्चित करेगी कि देश में शिक्षित सर्वश्रेष्ठ और प्रतिभाशाली छात्रों को एच-1बी के लिए वरीयता मिले। इसमें अन्य अमेरिकी उन्नत डिग्री धारकों को भी प्राथमिकता मिलेगी, जिन्हें उच्च वेतन दिया जा रहा है और जिनके पास मूल्यवान कौशल है।नया कानून स्पष्ट रूप से एच-1बी या एल-1 वीजा धारकों द्वारा अमेरिकी श्रमिकों के प्रतिस्थापन पर रोक लगाता है। यह स्पष्ट करता है कि समान रूप से नियोजित अमेरिकी श्रमिकों की काम करने की स्थिति एच-1बी श्रमिकों सहित एच-1बी कार्यकर्ता की भर्ती से प्रतिकूल रूप से प्रभावित नहीं हो सकती है। डर्बिन ने कहा, वीजा कार्यक्रमों में सुधार अमेरिका की खराब आव्रजन प्रणाली को ठीक करने के लिए जरूरी है।मौजूदा विधेयक 50 से अधिक कर्मचारियों वाली उन अमेरिकी कंपनियों को अतिरिक्त एच-1बी कर्मचारियों की नियुक्ति से रोकेगा, जिनमें से कम से कम आधे एच-1बी या एल-1 धारक हैं। बिल अमेरिकी श्रम विभाग को कार्यक्रम की आवश्यकताओं के अनुपालन की समीक्षा करने, जांच करने और ऑडिट करने के साथ-साथ धोखाधड़ी या अपमानजनक आचरण को दंडित करने का अधिकार देता है।एच1-बी वीजा एक गैर-आव्रजन वीजा है, जो अमेरिकी कंपनियों को विशेष दक्षता वाली नौकरियों में विदेशी कर्मचारियों की नियुक्ति का अधिकार देता है। अमेरिकी प्रौद्योगिकी कंपनियां भारत और चीन जैसे देशों से हुनरमंद कर्मचारियों की नियुक्ति करने के लिए इस वीजा पर निर्भर हैं। एच-1बी वीजा भारतीयों सहित अन्य विदेशी पेशेवरों के बीच सबसे अधिक मांग वाला कार्य वीजा है। वहीं, एल-1 वीजा भी एक गैर-आव्रजन वीजा है, जो एल-1 स्तर पर कार्य के लिए दिया जाता है। यह अपेक्षाकृत कम समय के लिए वैध होता है।खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?खबर में और अधिक सुधार की आवश्यकता है?
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