उत्‍तराखंड में हिमालय की तलहटी पर बसी है अनोखी फूलों की घाटी, हर 15 दिन में बदलती है रंग; पर्यटकों के लिए खुली

Chamoli-Common-Man-Issues News

उत्‍तराखंड में हिमालय की तलहटी पर बसी है अनोखी फूलों की घाटी, हर 15 दिन में बदलती है रंग; पर्यटकों के लिए खुली
Chamoli NewsFlowers Valley OpeningUttarakhand Tourism
  • 📰 Dainik Jagran
  • ⏱ Reading Time:
  • 60 sec. here
  • 13 min. at publisher
  • 📊 Quality Score:
  • News: 65%
  • Publisher: 53%

विश्व प्रसिद्ध फूलों की घाटी पर्यटकों के लिए खुल गई है। घाटी में ऑनलाइन पंजीकरण शुरू हो गया है। नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क के अनुसार 15 से 30 जून तक के लिए 62 पंजीकरण हो चुके हैं। घाटी 1 जून से 31 अक्टूबर तक खुली रहेगी जिसमें रात्रि विश्राम की अनुमति नहीं है। पर्यटक घांघरिया के पास हिमखंडों का दीदार कर सकते...

संवाद सहयोगी, जागरण, गोपेश्वर। विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल फूलों की घाटी आज रविवार को पर्यटकों के लिए खोल दी गई। घाटी में पैदल मार्ग के साथ व्यवस्थागत कार्यों को पहले ही पूर्ण कर दिया गया है। फूलों की घाटी को घांघरिया में एक समारोह में पर्यटकों के लिए खोला गया। खास बात ये है कि यहां हर 15 दिन में खिले फूलों का रंग बदल जाता है। नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क के प्रभारी प्रभागीय वनाधिकारी तरुण एस का कहना है कि रविवार सुबह सात बजे फूलों की घाटी पर्यटकों के लिए खोल दी गई। कहा कि पर्यटकों के लिए मौके पर ही ऑनलाइन पंजीकरण सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। अब तक 62 ऑनलाइन पंजीकरण घाटी का दीदार करने को लेकर अब तक 62 ऑनलाइन पंजीकरण 15 से 30 जून तक के लिए किए गए हैं। फूलों की घाटी खुलने से 14 जून तक कोई भी ऑनलाइन पंजीकरण नहीं हुआ है। हालांकि मौके पर वन विभाग पर्यटकों का ऑनलाइन पंजीकरण करेगी। हेमकुंड यात्रा मार्ग पर आने वाले पर्यटक फूलों की घाटी का दीदार भी करते हैं। वे मौके पर ही पंजीकरण शुल्क जमा कर फूलों की घाटी जाते हैं। एक जून से 31 अक्टूबर तक खुली रहती है घाटी विश्व धरोहर फूलों की घाटी पर्यटकों के लिए एक जून से 31 अक्टूबर तक खुली रहती है। फूलों की घाटी में रात्रि विश्राम की अनुमति किसी को नहीं है। यहां पर खाने की सामग्री की दुकानें भी नहीं हैं। लिहाजा पर्यटक अपने साथ खाने का सामान ले जाते हैं। इस सामान के साथ जाने वाला कचरा भी वापस पर्यटक को ही लाना होगा। इस बार घांघरिया से फूलों की घाटी तक तीन किमी क्षेत्र में बामणधौड के आस-पास दो हिमखंड का दीदार भी पर्यटकों को खासा आर्कषित करेगा। इन हिमखंडों के बीच से काटकर पैदल रास्ता सुचारु किया गया है। विदित हो कि 87.

5 वर्ग किमी में फैली फूलों की घाटी में पांच सौ से अधिक प्रजाति के फूल खिलते हैं। कई प्रजाति के फूल खिलने से घाटी का रंग भी हर 15 दिनों में बदलता रहता है। इसे 1982 में राष्ट्रीय पार्क का दर्जा और 2005 में यूनिस्को से विश्व धरोहर का दर्जा मिला। फूलों की घाटी में रंग बिरंगे फूलों के अलावा भोजपत्र का जंगल भी है। कैंसे पहुंचे? फूलों की घाटी के लिए ऋषिकेश से 262 किमी बदरीनाथ हाइवे से चलकर ज्येातिर्मठ के गोविदंघाट तक सड़क मार्ग से पहुचंना पड़ता है। गोविंदघाट से 14 किमी पैदल या डंडी कंडी ,घोडे खच्चर से फूलों की घाटी के बेस कैंप घांघरिया पहुंचा जा सकता है। इसके अलावा पर्यटकों के लिए गोविंदघाट से घांघरिया तक हेली सेवा भी उपलब्ध है। इस प्रजाति के रंग बिरंगे फूल खिले हैं घाटी में थर्मोप्सिस बरबाटा फ्रिटीलेरिया सिर्रोसा एनीमोन पॉलीएंथेस कैल्था पोटेंटिला सेफलैनथेरा लोंगीफोलिया आइरिस कुमाओनेंसिस एलियम पाइकोराइज़ा कुररोआ रोडूडेंड्रॉन एंथोपोगोन रोडूडेंड्रॉन केमपैनूलेटम यह है शुल्क भारतीय पर्यटकों के लिए प्रति पर्यटक - 200 रुपये विदेशी पर्यटकों के लिए -800 रुपये प्रति पर्यटक भारतीय 0 से 12 वर्ष आयु के बच्चों के लिए निश्शुल्क भारतीय 12 से 18 वर्ष तक के छात्रों के लिए प्रति छात्र 50 रुपये भारतीय 18 वर्ष की उम्र से अधिक के छात्रों व सीनियर सिटीजन के लिए प्रति व्यक्ति 100 रुपये

We have summarized this news so that you can read it quickly. If you are interested in the news, you can read the full text here. Read more:

Dainik Jagran /  🏆 10. in İN

Chamoli News Flowers Valley Opening Uttarakhand Tourism Online Registration Nanda Devi National Park Valley Of Flowers Ghangharia Hemkund Sahib Yatra Tourist Attractions Uttarakhand Chamoli Tourism Uttarakhand News

 

United States Latest News, United States Headlines

Similar News:You can also read news stories similar to this one that we have collected from other news sources.

उत्तराखंड में मदरसा बोर्ड अलग ही गेम खेल रहा... जिन्‍हें सरकार ने सील किया, उन्‍हें चुपके से दे दी मान्‍यता...उत्तराखंड में मदरसा बोर्ड अलग ही गेम खेल रहा... जिन्‍हें सरकार ने सील किया, उन्‍हें चुपके से दे दी मान्‍यता...Uttarakhand News : उत्तराखंड में आश्चर्य की बात ये है कि ये सब तब हुआ, जब उत्तराखंड सरकार युद्धस्तर पर अवैध मदरसों के खिलाफ अभियान छेड़े हुए है.
Read more »

पाकिस्तान के साथ मौजूदा संघर्ष में क्या भारत ने इसराइल और अमेरिका की तरह रणनीति अपनाई है?पाकिस्तान के साथ मौजूदा संघर्ष में क्या भारत ने इसराइल और अमेरिका की तरह रणनीति अपनाई है?पिछले कुछ वर्षों में भारत की चरमपंथ के ख़िलाफ़ रणनीति में बदलाव देखने को मिला है. क्या है इस बदलती सोच की वजह?
Read more »

9 टिप्स जिनसे माॅर्निंग स्कूल रूटीन बनेगा थोड़ा और कंफर्टेबल9 टिप्स जिनसे माॅर्निंग स्कूल रूटीन बनेगा थोड़ा और कंफर्टेबल​स्कूल जाने वाले समय में मॉर्निंग रूटीन सुबह शांत और व्यवस्थित रहने से पूरे दिन का तनाव कम करने में भी मदद मिलती है। जो सभी की भलाई के लिए अच्छा है।
Read more »

विदेश में नौकरी के नाम पर ना हो ठगी, फर्जी जॉब ऑफर से कैसे बचें, यहां जानें 8 जरूरी टिप्सविदेश में नौकरी के नाम पर ना हो ठगी, फर्जी जॉब ऑफर से कैसे बचें, यहां जानें 8 जरूरी टिप्सFraud Job Offer Identification: विदेश में नौकरी के नाम पर ठगी रोकना सरकार की प्राथमिकता बन चुकी है। इसके लिए हमेशा ही गाइडलाइंस जारी की जा सकती है।
Read more »

वाराणसी में रेलवे और रोपवे के यात्रियों की बढ़ेगी सुविधा, पैसेंजर सर्विस कॉरिडोर का प्लान तैयारवाराणसी में रेलवे और रोपवे के यात्रियों की बढ़ेगी सुविधा, पैसेंजर सर्विस कॉरिडोर का प्लान तैयारVaranasi Passenger Service Corridor Plan: वाराणसी में रोपवे और रेलवे के यात्रियों के लिए पैसेंजर सर्विस कॉरिडोर के निर्माण की योजना तैयार की गई है। कॉरिडोर में कई सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
Read more »

'मेरा कोई रिश्ता वन नाइट स्टैंड नहीं था, 4 बीवियां थीं''मेरा कोई रिश्ता वन नाइट स्टैंड नहीं था, 4 बीवियां थीं'​कबीर बेदी के रिश्तों के बारे में हर कोई जानता है। उन्होंने फिर से इस पर बात की है।
Read more »



Render Time: 2026-04-02 12:20:01