रेपो रेट में कटौती से होम लोन, ऑटो लोन और पर्सनल लोन की ब्याज दरें घटेंगी।
रेपो रेट में बदलाव ने भारतीय अर्थव्यवस्था को एक नया झटका दिया है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की 12वीं बैठक में रेपो रेट में 0.25 फीसदी की कटौती की है। अब प्रभावी रेपो रेट 6.25 फीसदी हो गया है। यह कदम कई लोगों के लिए सस्ते ऋण की उम्मीद जगाता है। आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा की अगुवाई वाली 6 सदस्यीय मौद्रिक समिति ने यह निर्णय लिया है। इससे पहले कोरोनाकाल के बाद आरबीआई ने लगातार 6 बार में रेपो रेट बढ़ाकर 6.
50 फीसदी कर दिया था। गवर्नर शक्तिकांत दास ने पिछली 11 बार की एमपीसी बैठक में रेपो रेट नहीं घटाया था और हर बार खुदरा महंगाई के तय दायरे से अधिक होने का हवाला दिया था। लेकिन, अब जबकि खुदरा महंगाई गिरकर आरबीआई के तय दायरे में आ गई है तो आरबीआई ने 12वीं एमपीसी बैठक में ब्याज दरें घटा दी हैं। रेपो रेट में इस कटौती के बाद आम आदमी के लिए भी सस्ते कर्ज का रास्ता खुला गया है। इससे होम लोन, ऑटो लोन और पर्सनल लोन सहित तमाम तरह के खुदरा लोन की ब्याज दरें भी घट जाएंगी। बैंकों के अधिकांश लोन अभी रेपो रेट जैसे बाहरी बेंचमार्क से जुड़े हुए हैं। लिहाजा इसमें हुई कटौती का सीधा असर इन लोन की ब्याज दरों पर भी पड़ेगा और हर महीने जाने वाली ईएमआई भी कम हो जाएगी। होम लोन पर कितना असर अगर आपका एसबीआई से होम लोन चल रहा है, जिसकी ब्याज दर 8.50 फीसदी है तो रेपो रेट में 0.25 फीसदी कटौती के बाद आपकी ब्याज दर 8.25 फीसदी रह जाएगी। मान लीजिए आपने 50 लाख का होम लोन 20 साल के लिए लिया था तो 8.50 फीसदी दर से हर महीने 43,391 रुपये की ईएमआई जा रही थी। इस तरह आप ब्याज के रूप में कुल 54,13,879 रुपये चुकाते। लेकिन, ब्याज दरें 0.25 फीसदी घटने के बाद आपकी ईएमआई घटकर 42,603 रुपये रह जाएगी। इस तरह, कुल ब्याज भी गिरकर 52,24,788 रुपये हो जाएगा और आपको 1,89,091 रुपये का फायदा होगा। कार लोन पर कितना फायदा एसबीआई की कार लोन की ब्याज दर 9.10 फीसदी से शुरू होती है। मान लीजिए आपने 10 लाख रुपये का कार लोन 5 साल के लिए 9.10 फीसदी की दर से लिया था तो हर महीने 20,807 रुपये की ईएमआई चुकानी पड़ रही थी। इस तरह, ब्याज के रूप में आपको कुल 2,48,415 रुपये देने पड़ते। लेकिन, ब्याज दर में 0.25 फीसदी की कटौती हुई तो 8.85 की दर से ब्याज देना होगा। इस तरह, आपकी ईएमआई घटकर 20,686 रुपये हो जाएगी और ब्याज के रूप में कुल 2,41,138 रुपये चुकाने होंगे। लिहाजा आपको करीब 7,277 रुपये की बचत होगी
REPO RATE RBI INTEREST RATES LOAN HOME LOAN AUTO LOAN PERSONAL LOAN
United States Latest News, United States Headlines
Similar News:You can also read news stories similar to this one that we have collected from other news sources.
RBI रेपो रेट में कर सकता है 0.25% की कटौती: 7 फरवरी को हो सकता है ऐलान, टैक्स के बाद अब EMI घटने की उम्मीदRBI Repo Rate Prediction 2025 Update; वित्त वर्ष 2025-26 का बजट आ चुका। अब नजर रिजर्व बैंक पर है। 5-7 फरवरी के बीच इसकी मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) की बैठक होगी
Read more »
आरबीआई रेपो दर में कटौती का कर सकता है आदेश, जानें स्थितिविश्लेषकों का मानना है कि आरबीआई 7 फरवरी को रेपो दर में कटौती कर सकता है। दो सालों से दरें स्थिर हैं। उपभोग आधारित मांग को बढ़ावा देने और सुस्त खपत से प्रभावित आर्थिक वृद्धि को बढ़ावा देने के लिए यह कदम उठाया जाना चाहिए। हालांकि रुपये में गिरावट चिंता का विषय है।
Read more »
आरबीआई रेपो दर में कटौती कर सकता हैविश्लेषकों का मानना है कि आरबीआई पांच साल में पहली बार रेपो दर में कटौती कर सकता है।
Read more »
RBI के ऐलान से पहले जानिए क्या है रेपो रेट, क्या है इसका आपकी EMI से कनेक्शनRBI MPC Meeting: एक्सपर्ट्स का मानना है कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) इस बार रेपो रेट में 0.25 फीसदी की कटौती कर सकती है. आइए जानते हैं कि रेपो रेट का क्या है लोन कनेक्शन
Read more »
आरबीआई आज करेगा मौद्रिक नीति पर फैसला, रेपो रेट में कटौती की उम्मीदआरबीआई के नए गवर्नर संजय मल्होत्रा की अगुआई में हो रही मौद्रिक नीति समिति एमपीसी की पहली बैठक में लिए गए निर्णयों की घोषणा शुक्रवार सुबह की जाएगी। विशेषज्ञों ने ऐसी संभावना जताई है कि एमपीसी लगभग पांच साल के अंतराल के बाद रेपो रेट में 0.25 प्रतिशत की कटौती का फैसला कर सकती है। रेपो दर दो साल से 6.
Read more »
RBI रेपो रेट में कटौती का फैसला ले सकता है, क्या EMI में आएगी राहत?भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) रेपो रेट में कटौती की संभावना पर विचार कर रहा है। यह केंद्रीय बैंक की रेपो रेट में कटौती का पांच साल बाद होगा। अगर RBI रेपो रेट में कटौती करता है तो यह देश में अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने और बैंकों की लिक्विडिटी बढ़ाने में मदद कर सकता है। रेपो रेट में कटौती से ऋणों की ब्याज दरें कम हो सकती हैं, जिससे लोगों को ईएमआई पर राहत मिल सकती है।
Read more »
