ईरान ने साफ कर दिया है कि अमेरिका और इजरायल उसपर युद्ध थोपा है, इसलिए इसे खत्म हम करेंगे। ईरान ने अपने दिवंगत सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के संकल्प को हर हाल में पूरा करने की बात कही है।
नई दिल्ली: पश्चिम एशिया युद्ध को लेकर ईरान ने भारत की धरती से अमेरिका और इजरायल को बहुत बड़ा संदेश दिया है। ईरान ने यह बात फिर दोहराई है कि युद्ध अमेरिका और इजरायल ने शुरू किया था, लेकिन इसे खत्म वही करेगा। अमेरिका और इजरायली हमले के एक महीने बाद भी ईरान का हौसला कायम है और वह किसी भी स्थिति में दोनों को सबक सिखाने का मंसूबा रख रहा है। भारत में ईरान के सुप्रीम लीडर के डिप्टी रिप्रेजेंटेटिव डॉ.
मोहम्मद जियाईनिया ने एक भारतीय न्यूज चैनल को दिए इंटरव्यू में अमेरिका और इजरायल से सीधे तौर पर यह बात कही है।'ईरान पर हमला अस्वीकार्य'भारत में ईरान के सुप्रीम लीडर के डिप्टी रिप्रेजेंटेटिव ने कहा, 'पहले तो हमें यह देखना होगा कि हम 21वीं सदी में जी रहे हैं। इस सदी में एक स्वतंत्र राष्ट्र के खिलाफ ताकत का इस्तेमाल, बिना अंतरराष्ट्रीय संगठनों में स्पष्ट रूप से जाहिर किए गए कानूनी प्रक्रियाओं को अपनाए हुए, किसी भी परिस्थिति में अस्वीकार्य है।' 'यह युद्ध वैध नहीं है...ऐसे समय में जब ईरान इस थोपे हुए युद्ध से पैदा हुई मुश्किलें झेल रहा है..हमें यह स्वीकार्य नहीं है।'ईरान के नेता ने यह भी कहा, 'बेशक हमारे दिवंगत सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई ने जो पहले कहा था, 'उन्होंने यह युद्ध शुरू किया है, लेकिन यह हम तय करेंगे कि युद्ध कैसे खत्म होगा'....?'बढ़ता जा रहा है ईरान युद्ध का दायरा ईरान पर अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी, 2026 को हमला शुरू किया था। अमेरिका और इजरायल के शुरुआती हमलों में ही ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई मारे गए। ईरान ने भी जोरदार जवाबी कार्रवाई शुरू की। अमेरिकी बेस, इजरायल और अमेरिका के सहयोगी खाड़ी देशों को मिसाइलों और ड्रोनों से निशाना बनाना शुरू किया। आज यह युद्ध संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब,कतर,लेबनान, इराक,जॉर्डन,ओमान तक को अपनी चपेट में ले चुका है। पश्चिम एशिया संकट की चपेट में आकर अबतक अनुमानित तौर पर 3,000 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है, जिसमें अकेले ईरान का आंकड़ा करीब 2,000 होने की आशंका है। अमेरिका और इजरायल की आक्रामक रणनीति के बावजूद ईरान उन्हें जवाब देने में पूरी तरह से सक्षम है। ईरान के मिसाइल लॉन्च सिस्टम काम कर रहे हैं, अंडरग्राउंड सुविधाओं का उसे लाभ मिल रहा है।ईरान युद्ध से वैश्विक अर्थव्यवस्था प्रभावित पश्चिम एशिया संकट की वजह से वैश्विक तेल और संकट खड़ा हुआ है। पूरी दुनिया में सप्लाई चेन में उथल-पुथल मच चुका है। तेल-गैस कीमतों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था पर बहुत बुरा असर पड़ रहा है। छोटी अर्थव्यवस्थाओं को तो संकट में जाने का खतरा पैदा हुआ है।हूती विद्रोहियों के कूदने से स्थिति बिगड़ी ईरान की ओर से इस युद्ध में हूती विद्रोहियों के कूदने की वजह से इसकी भयानकता और बढ़ गई है। पाकिस्तान,सऊदी अरब,तुर्की और मिस्र जैसे देशों की ओर से मध्यस्थता की पहल शुरू हुई है, लेकिन फिलहाल इससे कुछ ठोस निकलने की उम्मीद बहुत कम है। ईरान ने अभी तक सभी प्रस्तावों को रद्दी की टोकरी में डाल दिया है। दशकों बाद यह सबसे बड़ा पश्चिम एशिया संकट बन चुका है, जिसके प्रभाव से भारत भी परेशान है। इस युद्ध का अंतिम अंजाम क्या होगा, इसका अभी कुछ भी अंदाजा लगाना नामुमकिन है। भारत समेत कुछ और देशों के लिए राहत की बात इतनी भर है कि होर्मुज जलडमरूमध्य की बाधाएं फिलहाल दूर होती लग रही हैं, लेकिन इसके पूरी तरह से सामान्य होने की निकट भविष्य में कोई संभावना नहीं है।
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