मायावती का 'टारगेट' पूरा नहीं कर पाए बीएसपी के नेता, संगठन में फिर हुआ बदलाव via NavbharatTimes
ने एक बार फिर संगठन में बदलाव के नाम पर ओहदेदारों के पर कतर दिए हैं। लोकसभा चुनाव के बाद सौंपे गए टारगेट को पूरा करने की कसौटी पर खरे नहीं उतने पर यह कदम उठाया गया है। इस बार यूपी को चार सेक्टर के बजाए तीन-तीन मंडल मिलाकर छह जोन में बांट दिया है। वेस्ट यूपी में कई की संगठनात्मक ताकत कम कर दी है। अब हर विधानसभा क्षेत्र में एक-एक जिला प्रभारी को पार्टी की मजबूती का जिम्मा सौंपा गया है। लोकसभा चुनाव में मन मुताबिक परिणाम नहीं आने से नाराज मायावती का संगठन में बदलाव का दौर थमा नहीं हैं। उन्होंने मंगलवार को एक बार फिर यूपी संगठन में बड़ा बदलाव कर दिया। तीन जून को किए गए बदलाव में यूपी के 18 मंडलों को चार सेक्टर बनाकर बांटा गया था, जिसमें तीन सेक्टर में पांच-पांच और एक में तीन मंडल रखे थे। मंगलवार को लखनऊ में आयोजित बैठक में मायावती ने साफ कर दिया कि नई व्यवस्था पैमाने पर खरी नहीं उतरी इसलिए यूपी को अब छह जोन में बांट दिया गया।एक जोन में मेरठ, सहारनपुर और मुरादाबाद मंडल को शामिल किया गया है। इसमें पहले पांच मंडल रखे थे। इस जोन में शमशुद्दीन राइन, सांसद गिरीश चंद्र, राजकुमार गौतम और कमल राज को जोन कोऑर्डिनेटर बनाया है। वेस्ट यूपी के बाकी तीन मंडलों बरेली, आगरा और अलीगढ़ का दूसरा जोन बनाकर यहां बाबू मुनकाद अली, सूरज सिंह, संघप्रिय गौतम, विजेंद्र सिंह को जोन कोऑर्डिनेटर का जिम्मा दिया है।इसी के साथ बदलाव में एक-एक मंडल पर भी नेताओं को लगाया है। मेरठ मंडल के लिए सतपाल पेपला, दिनेश काजीपुर और वीरेंद्र गौतम को कोऑर्डिनेटर बनाया है। सहारनपुर मंडल में नरेश गौतम, प्रेमचंद गौतम को और मुरादाबाद मंडल में रणविजय सिंह और गोपाल पासी को मंडल कोऑर्डिनेटर बनाया गया है। इसी तरह हर जिले में जितने विधानसभा क्षेत्र हैं, उतने ही जिला प्रभारी बनाए गए हैं, जिससे हर जिला प्रभारी को एक-एक विधानसभा क्षेत्र में संगठन को मजबूत करने का जिम्मा दिया जा सके। जैसे मेरठ में सात विधानसभा क्षेत्रों में सात जिला प्रभारी जयपाल सिंह, ताराचंद, राजपाल, राहुल गौतम, जगरूप, परवेज उर्फ गोलू को जिम्मा दिया है। इनमें ताराचंद, जगरूप, जयपाल, राजपाल आदि को मंडल से हटाकर कद कम करते हुए सिर्फ जिला प्रभारी बनाया गया। इसी तरह तीन मंडल देखने वाले सतपाल पेपला, नरेश गौतम, जयपाल जाटव आदि को एक मंडल पर लगा दिया है।बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमो मायावती अपने नए बंगले में शिफ्ट हो गई हैं। उनका नया पता अब लखनऊ में 9 माल एवेन्यू है जहां रविवार को मायावती ने पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद यूपी के राज्य संपत्ति विभाग ने 13 ए माल एवेन्यू स्थित मायावती का सरकारी आवास खाली कराया था। तबसे वह दिल्ली में रह रही थीं। आगे देखिए बंगले के अंदर की तस्वीरें- मायावती के नए बंगले को खास गुलाबी पत्थरों से सजाया गया है। बंगले में कई पार्क और मेमोरियल भी मौजूद हैं। जो कई वर्षों से मायावती के पास अधिकृत है। 71 हजार वर्ग फीट वाली प्रॉपर्टी आवास और पार्टी ऑफिस दोनों के रूप में काम करेगा। हालांकि बीएसपी का आधिकारिक कार्यालय यहां बगल में ही है। रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मायावती ने यहीं से संबोधित किया था। आवास में चौड़े मार्ग हैं और बंगले को हरा-भरा रखने के लिए पेड़-पौधे भी लगाए गए हैं। आवास में प्रवेश करते ही एक खंभे में मायावती की चार मूर्तियां नजर आती हैं। सभी के चेहरों की दिशा अलग-अलग है। अंदर की दीवारों को ब्रॉन्ज आर्टवर्क से सजाया गया है। इसमें दलित आंदोलन को खूबसूरती से उकेरा गया है। साथ ही एससी-एसटी समाज के महारपुरुषों की उभरी हुई पेटिंग लगाई गई है। बता दें कि मायावती तीन महीने बाद दिल्ली से लौटी हैं। 2 जून को अपने सरकारी आवास की चाबी सौंपने के बाद वह दिल्ली चली गई थीं। इस दौरान उनके नए बंगले का निर्माण कराया गया। वापस लौटने के बाद मायावती एक नए तेवर में नजर आई। अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव के लिए उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि वह सीटों पर समझौता करने वाली नहीं हैं।वेस्ट यूपी के सेक्टर एक में पांच मंडल मेरठ, सहारनपुर, मुरादाबाद, अलीगढ़, आगरा को रखकर सांसद गिरीश चंद्र, शमशुद्दीन राइन, राजकुमार गौतम, डॉक्टर कमल सिंह राज को प्रभारी बनाया था। इन पांच मंडलों को भी दो टीमों में बांटा गया था। टीम एक में नेरश गौतम, सतपाल पेपला, जयपाल जाटव को मेरठ, सहारनपुर और मुरादाबाद मंडल और टीम बी में संघप्रिय गौतम, हेमंत प्रताप और बिजेंद्र सिंह विक्रम को रखकर अलीगढ़ और आगरा मंडल का कोऑर्डिनेटर बनाया था।संगठन बदलाव में मायावती ने एक बार फिर पुराने लोगों पर विश्वास जताया है। बीएसपी के राष्ट्रीय महासचिव और वेस्ट यूपी के पूर्व प्रभारी मुनकाद अली को पहले राजस्थान से यूपी में वापस बुलाया गया। उसके बाद पूर्वी यूपी के पांच मंडलों का प्रभारी बनाया और अब वेस्ट यूपी के तीन मंडलों का कोऑर्डिनेटर बना दिया गया है। कयास लगाए जा रहे हैं कि दलित मुस्लिम समीकरण के लिए उन्हें जल्द पूरी तरह वेस्ट यूपी में समायोजित किया जा सकता है। यही नहीं, वेस्ट यूपी के पुराने दिग्गज एमएलसी अतर सिंह राव को भी मध्य प्रदेश के प्रभारी पद से अलग कर विधानसभा चुनाव के मद्देनजर फिर से मुनकाद अली के साथ तैनात करने के संकेत हैं। अतर सिंह राव विधानपरिषद में पार्टी के सचेतक भी हैं। उनके साथ राज्यसभा सांसद अशोक सिद्धार्थ को भी वेस्ट यूपी में ही आजमाया जा सकता है। मुनकाद की तरह ही राव और सिद्धार्थ भी वेस्ट यूपी के प्रभारी रह चुके हैं।से जुड़े हर ताज़ा अपडेट पाने के लिए NBT के फ़ेसबुक पेज को लाइक करें.
ने एक बार फिर संगठन में बदलाव के नाम पर ओहदेदारों के पर कतर दिए हैं। लोकसभा चुनाव के बाद सौंपे गए टारगेट को पूरा करने की कसौटी पर खरे नहीं उतने पर यह कदम उठाया गया है। इस बार यूपी को चार सेक्टर के बजाए तीन-तीन मंडल मिलाकर छह जोन में बांट दिया है। वेस्ट यूपी में कई की संगठनात्मक ताकत कम कर दी है। अब हर विधानसभा क्षेत्र में एक-एक जिला प्रभारी को पार्टी की मजबूती का जिम्मा सौंपा गया है। लोकसभा चुनाव में मन मुताबिक परिणाम नहीं आने से नाराज मायावती का संगठन में बदलाव का दौर थमा नहीं हैं। उन्होंने मंगलवार को एक बार फिर यूपी संगठन में बड़ा बदलाव कर दिया। तीन जून को किए गए बदलाव में यूपी के 18 मंडलों को चार सेक्टर बनाकर बांटा गया था, जिसमें तीन सेक्टर में पांच-पांच और एक में तीन मंडल रखे थे। मंगलवार को लखनऊ में आयोजित बैठक में मायावती ने साफ कर दिया कि नई व्यवस्था पैमाने पर खरी नहीं उतरी इसलिए यूपी को अब छह जोन में बांट दिया गया।एक जोन में मेरठ, सहारनपुर और मुरादाबाद मंडल को शामिल किया गया है। इसमें पहले पांच मंडल रखे थे। इस जोन में शमशुद्दीन राइन, सांसद गिरीश चंद्र, राजकुमार गौतम और कमल राज को जोन कोऑर्डिनेटर बनाया है। वेस्ट यूपी के बाकी तीन मंडलों बरेली, आगरा और अलीगढ़ का दूसरा जोन बनाकर यहां बाबू मुनकाद अली, सूरज सिंह, संघप्रिय गौतम, विजेंद्र सिंह को जोन कोऑर्डिनेटर का जिम्मा दिया है।इसी के साथ बदलाव में एक-एक मंडल पर भी नेताओं को लगाया है। मेरठ मंडल के लिए सतपाल पेपला, दिनेश काजीपुर और वीरेंद्र गौतम को कोऑर्डिनेटर बनाया है। सहारनपुर मंडल में नरेश गौतम, प्रेमचंद गौतम को और मुरादाबाद मंडल में रणविजय सिंह और गोपाल पासी को मंडल कोऑर्डिनेटर बनाया गया है। इसी तरह हर जिले में जितने विधानसभा क्षेत्र हैं, उतने ही जिला प्रभारी बनाए गए हैं, जिससे हर जिला प्रभारी को एक-एक विधानसभा क्षेत्र में संगठन को मजबूत करने का जिम्मा दिया जा सके। जैसे मेरठ में सात विधानसभा क्षेत्रों में सात जिला प्रभारी जयपाल सिंह, ताराचंद, राजपाल, राहुल गौतम, जगरूप, परवेज उर्फ गोलू को जिम्मा दिया है। इनमें ताराचंद, जगरूप, जयपाल, राजपाल आदि को मंडल से हटाकर कद कम करते हुए सिर्फ जिला प्रभारी बनाया गया। इसी तरह तीन मंडल देखने वाले सतपाल पेपला, नरेश गौतम, जयपाल जाटव आदि को एक मंडल पर लगा दिया है।बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमो मायावती अपने नए बंगले में शिफ्ट हो गई हैं। उनका नया पता अब लखनऊ में 9 माल एवेन्यू है जहां रविवार को मायावती ने पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद यूपी के राज्य संपत्ति विभाग ने 13 ए माल एवेन्यू स्थित मायावती का सरकारी आवास खाली कराया था। तबसे वह दिल्ली में रह रही थीं। आगे देखिए बंगले के अंदर की तस्वीरें- मायावती के नए बंगले को खास गुलाबी पत्थरों से सजाया गया है। बंगले में कई पार्क और मेमोरियल भी मौजूद हैं। जो कई वर्षों से मायावती के पास अधिकृत है। 71 हजार वर्ग फीट वाली प्रॉपर्टी आवास और पार्टी ऑफिस दोनों के रूप में काम करेगा। हालांकि बीएसपी का आधिकारिक कार्यालय यहां बगल में ही है। रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मायावती ने यहीं से संबोधित किया था। आवास में चौड़े मार्ग हैं और बंगले को हरा-भरा रखने के लिए पेड़-पौधे भी लगाए गए हैं। आवास में प्रवेश करते ही एक खंभे में मायावती की चार मूर्तियां नजर आती हैं। सभी के चेहरों की दिशा अलग-अलग है। अंदर की दीवारों को ब्रॉन्ज आर्टवर्क से सजाया गया है। इसमें दलित आंदोलन को खूबसूरती से उकेरा गया है। साथ ही एससी-एसटी समाज के महारपुरुषों की उभरी हुई पेटिंग लगाई गई है। बता दें कि मायावती तीन महीने बाद दिल्ली से लौटी हैं। 2 जून को अपने सरकारी आवास की चाबी सौंपने के बाद वह दिल्ली चली गई थीं। इस दौरान उनके नए बंगले का निर्माण कराया गया। वापस लौटने के बाद मायावती एक नए तेवर में नजर आई। अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव के लिए उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि वह सीटों पर समझौता करने वाली नहीं हैं।वेस्ट यूपी के सेक्टर एक में पांच मंडल मेरठ, सहारनपुर, मुरादाबाद, अलीगढ़, आगरा को रखकर सांसद गिरीश चंद्र, शमशुद्दीन राइन, राजकुमार गौतम, डॉक्टर कमल सिंह राज को प्रभारी बनाया था। इन पांच मंडलों को भी दो टीमों में बांटा गया था। टीम एक में नेरश गौतम, सतपाल पेपला, जयपाल जाटव को मेरठ, सहारनपुर और मुरादाबाद मंडल और टीम बी में संघप्रिय गौतम, हेमंत प्रताप और बिजेंद्र सिंह विक्रम को रखकर अलीगढ़ और आगरा मंडल का कोऑर्डिनेटर बनाया था।संगठन बदलाव में मायावती ने एक बार फिर पुराने लोगों पर विश्वास जताया है। बीएसपी के राष्ट्रीय महासचिव और वेस्ट यूपी के पूर्व प्रभारी मुनकाद अली को पहले राजस्थान से यूपी में वापस बुलाया गया। उसके बाद पूर्वी यूपी के पांच मंडलों का प्रभारी बनाया और अब वेस्ट यूपी के तीन मंडलों का कोऑर्डिनेटर बना दिया गया है। कयास लगाए जा रहे हैं कि दलित मुस्लिम समीकरण के लिए उन्हें जल्द पूरी तरह वेस्ट यूपी में समायोजित किया जा सकता है। यही नहीं, वेस्ट यूपी के पुराने दिग्गज एमएलसी अतर सिंह राव को भी मध्य प्रदेश के प्रभारी पद से अलग कर विधानसभा चुनाव के मद्देनजर फिर से मुनकाद अली के साथ तैनात करने के संकेत हैं। अतर सिंह राव विधानपरिषद में पार्टी के सचेतक भी हैं। उनके साथ राज्यसभा सांसद अशोक सिद्धार्थ को भी वेस्ट यूपी में ही आजमाया जा सकता है। मुनकाद की तरह ही राव और सिद्धार्थ भी वेस्ट यूपी के प्रभारी रह चुके हैं।से जुड़े हर ताज़ा अपडेट पाने के लिए NBT के फ़ेसबुक पेज को लाइक करें
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